Durga kavach in hindi pdf download. Durga Kavach 2019-07-20

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DURGA KAVACH SANSKRIT PDF

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The devotion of the mother is the best of all deities. ऐसा साधन तो एक देवी का कवच ही है, जो गोपनीय से भी परम गोपनीय, पवित्र तथा सम्पूर्ण प्राणियों का उपकार करनेवाला है। महामुने! Durga Kavach is essential to come to terms with the fact that human life is a mixture of joys and sorrows. You will see icons of social media above which you can share this post by clicking on Can you. दुष्टों से रक्षा करो, हाथ लिए त्रिशूल!! Ghantikaam Chitraghantaa cha Mahaamaaya cha Taaluke. ब्रह्मी हंस चढी ले वीणा!! Praachyaam Rakshatu Maamaindri Aagneyyaam agni Devta. Praanaapaanau tathaa Vyaanmudaanam cha Samaankam.

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DURGA KAVACH IN HINDI PDF DOWNLOAD

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It is durga kavach in hindi recited in schools as prayer before the start of the classes in schools Lord Dhanvantari Mantra or Dhanwantri Mantra is the prayer addressed to appease Lord Dhanvantari the God of Ayurvedic medicine. You should first understand the Durga Kavach meaning in hindi to maximize its effect. मान राज दरबार में, देवें सदा नरेश!! Durga kavach sanskrit cha Kaamini Rakshed Guhyam Guhyeshwari tathaa. Positive Life - 2 Vol 1 Song Detail: She is a multi-instrumentalist who plays keyboards and can also sing as the lead. He would live for one hundred years without getting defeated in all the three worlds with no untimely death in his family. By using our website, you agree to the use of cookies as described in our Cookie Policy. A lot of people in Hinduism keep a fast for the people of Durga and this fast is kept on Wednesday and people pray to the goddess Durga, they have to read Durga Chalisa.

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Durga Kavach (दुर्गा कवच)

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Justin Timberlake and Shawn Mendes wow fans with surprise duet. जो अत्यंत हैं गुप्त देयुं बता!! Gotramindraani me Rakshetpashoonme Raksha Chandike. Maalaadhari Lalaate chabhruvou rakhshed Yashasvini. He gained fame for his durga kavach in hindi entitled Breathless in which he sings constantly for over three minutes without pausing for taking a breath which is not true. रक्त मांस और हड्डियों से, जो बना शरीर! माँ वैष्णवी इस फर्श पर!! उसे श्रवण करो। प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥३॥ प्रथम नाम शैलपुत्री है, दूसरी मूर्तिका नाम ब्रह्मचारिणी है। तीसरा स्वरूप चन्द्रघण्टा के नामसे प्रसिद्ध है। चौथी मूर्ति को कूष्माण्डा कहते हैं। पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥४॥ पाँचवीं दुर्गा का नाम स्कन्दमाता है। देवी के छठे रूप को कात्यायनी कहते हैं। सातवाँ कालरात्रि और आठवाँ स्वरूप महागौरी के नाम से प्रसिद्ध है। नवमं सिद्धिदात्री च नव दुर्गाः प्रकीर्तिताः। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना॥५॥ नवीं दुर्गा का नाम सिद्धिदात्री है। ये सब नाम सर्वज्ञ महात्मा वेदभगवान् के द्वारा ही प्रतिपादित हुए हैं। ये सब नाम सर्वज्ञ महात्मा वेदभगवान् के द्वारा ही प्रतिपादित हुए हैं अग्निना दह्यमानस्तु शत्रुमध्ये गतो रणे। विषमे दुर्गमे चैव भयार्ताः शरणं गताः॥६॥ जो मनुष्य अग्नि में जल रहा हो, रणभूमि में शत्रुओं से घिर गया हो, विषम संकट में फँस गया हो तथा इस प्रकार भय से आतुर होकर जो भगवती दुर्गा की शरण में प्राप्त हुए हों, उनका कभी कोई अमङ्गल नहीं होता। न तेषां जायते किञ्चिदशुभं रणसङ्कटे। नापदं तस्य पश्यामि शोकदुःखभयं न ही॥७॥ युद्ध समय संकट में पड़ने पर भी उनके ऊपर कोई विपत्ति नहीं दिखाई देती। उनके शोक, दु:ख और भय की प्राप्ति नहीं होती। यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः प्रजायते। ये त्वां स्मरन्ति देवेशि रक्षसे तान्न संशयः॥८॥ जिन्होंने भक्तिपूर्वक देवी का स्मरण किया है, उनका निश्चय ही अभ्युदय होता है। देवेश्वरि! सुख भोगे संसार में, अंत मुक्ति सुखधाम!! Hymns like this empower the devotee to face sorrows by fortifying his mind.

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Download Durga Chalisa pdf In Hindi and English 2019

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She is the Shakti and in her different manifestations and forms, She oversees the functioning of our universe. You look like someone who appreciates good music. Ozuna - Musica - Android app on AppBrain Gayatri has 3 names - Gayatri, Saavitri and Sa. Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun to fir doosron me durga kavach sanskrit bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun- anmol vachan, Swami Vivekanand Ji. Durga Kavach is a sacred collection of special Shlokas from the Markandeya Purana one of the eighteen major Puranas and is part of the Durga Saptashti.

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Download Durga Chalisa pdf In Hindi and English 2019

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The mother of the universe is not partial and therefore do not think that she provides protection to only those who are praising or taking her name. नव दुर्गा का कवच यह, पढे जो मन चित लाये! यही तेरे सिर से हर संकट हटायें!! The company started in the year 2004, AstroMantra. Durga Kavach destroy all the poxes. Atma bodh hovai tabai, milai mukti ke dvar. Durga Kavach Books It is also used for one of Aur har waqt aap apn aattitude positive rakhe aur haar na mane jaldi hi. Rakshaaheenam tu Yatasthaanam Varjitam Kavchen Tu. मन वांछित फल पाए वो, मंगल मोड़ बसाए! These mantra should be recited with divine love and faith on Baba.

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Durga Kavach (दुर्गा कवच)

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Find durga Kavach in Hindi, English, Sanskrit, Gujrati, Tamil and Marathi, also know the meaning and you can free download pdf version or print it. She is supported by 8 Yoginis. संस्कृत से हिंदी अनुवाद के साथ पढ़ने के लिए क्लिक करें - Durga Kavach hindi translation श्री दुर्गा कवचम्. They knew durga kavach in hindi the human voice chanting sacred mantras had healing powers and that these pure sounds actually replenished the universe, created harmony, and kept the universe healthy. जगत की भलाई को मैंने बताया!! माँ उमा देवी सिर की ही!! तू श्रद्धा से दुर्गा कवच को जो गाए!! यही मंत्र यन्त्र यही तंत्र तेरा! ब्रह्मणी और लक्ष्मी, पार्वती जग तार!! Lord Brahma praises Goddess Parvati in nine different forms of Mother Divine. How to Recite Durga Kavach दुर्गा कवच का पाठ To get the best result you should do recitation of durga Kavach early morning after taking bath and in front of Goddess Durga Idol or picture. उत्तर में माँ कौमारी जी! कवच तुम्हारा हर जगह, मेरी करे सहाए!! सुना तो भी मुह माँगा वरदान पाया!! Neelgreeva Bahih Kanthe Nalikaam Nalkoobari.

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Kavach Collection

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कवच पहन कर मुस्कुराता चला जा!! Ityetaa Maatarah Sarvaah Sarvayog Samanvitaah. Sharanyetra Ambike Gauri Narayani Namostute. Prateechyaam Vaaruni Rakshed Vaayavyaam Mrigvaahini. Durga Kavach दुर्गा कवच Meaning Hindi Benefits Mp3 Devi Durga kavach sanskrit Bhavetasya Trailokye shwaparaajitah. Durga Kavach Traahimaam Devi Dushprekshye Shatrunaam Bhayvardhini. तेरा मान धन धान्य इससे बढेगा! आतों और पित वात में, भरा अग्न और नीर!! चमन पाव आगे बढ़ता चला जा!! तेरी कृपा से ही माँ, चमन का है कल्याण!! If someone worshiped Maa Durga, then all the sorrows in this world would be freed from the straits And he gets the sprain of spell worshiping Maa Durga Our Lord like Brahma Vishnu Mahesh worships all deity god Maa Durga Most popular post conclusion of durga chalisa in hindi pdf If you liked this information of Durga Chalisa told in this post, then please comment us and share this post on social media.

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Durga Saptashati in Hindi

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Shukram Brahmaani me Rakshechhaayaam Chhatreshvareem Tathaa. मान चाहे जो राज दरबार में!! Kya is mantra ke baar jaap karne se hamesha ke liye mukti mil jati he Pitra Dosh se. पवित्र कवच दुर्गा बलशाली का! नासिका में अंश अपना, माँ सुगंधा तुम धरो!! Durga Kavacham-1st Time in Hindi, Best Prayer for Protection recites or hears this divine kavach, he is. यही कवच श्रद्धा व भक्ति बढ़ाये!! Durga Kawach In Sanskrit ॥ देवीकवचम् ॥ ॥ अथ देव्याः कवचम् ॥ ॐ अस्य श्री चण्डीकवचस्य ॥ ब्रह्मा ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । चामुण्डा देवता । अङ्गन्यासोक्तमातरो बीजम् । दिग्बन्ध देवतास्तत्त्वम् । श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थे सप्तशती पाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः ॥ ॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ मार्कण्डेय उवाच । ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम् । यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह ॥ १॥ ब्रह्मोवाच । अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम् । देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने ॥ २॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी । तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ॥ ३॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च । सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ॥ ४॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः । उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना ॥ ५॥ अग्निना दह्यमानस्तु शत्रुमध्ये गतो रणे । विषमे दुर्गमे चैव भयार्त्ताः शरणं गताः ॥ ६॥ न तेषां जायते किंचिदशुभं रणसंकटे । नापदं तस्य पश्यामि शोकदुःखभयं न हि ॥ ७॥ यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः प्रजायते । ये त्वां स्मरन्ति देवेशि रक्षसे तान्न संशयः ॥ ८॥ प्रेतसंस्था तु चामुण्डा वाराही महिषासना । ऐन्द्री गजसमारूढा वैष्णवी गरुडासना ॥ ९॥ माहेश्वरी वृषारूढा कौमारी शिखिवाहना । लक्ष्मीः पद्मासना देवी पद्महस्ता हरिप्रिया ॥ १०॥ श्वेतरूपधरा देवी ईश्वरी वृषवाहना । ब्राह्मी हंससमारूढा सर्वाभरणभूषिता ॥ ११॥ इत्येता मातरः सर्वाः सर्वयोगसमन्विताः । नानाभरणशोभाढ्या नानारत्नोपशोभिताः ॥ १२॥ दृश्यन्ते रथमारूढा देव्यः क्रोधसमाकुलाः । शङ्खं चक्रं गदां शक्तिं हलं च मुसलायुधम् ॥ १३॥ खेटकं तोमरं चैव परशुं पाशमेव च । कुन्तायुधं त्रिशूलं च शार्ङ्गमायुधमुत्तमम् ॥ १४॥ दैत्यानां देहनाशाय भक्तानामभयाय च । धारयन्त्यायुधानीत्थं देवानां च हिताय वै ॥ १५॥ नमस्तेऽस्तु महारौद्रे महाघोरपराक्रमे । महाबले महोत्साहे महाभयविनाशिनि ॥ १६॥ त्राहि मां देवि दुष्प्रेक्ष्ये शत्रूणां भयवर्द्धिनि । प्राच्यां रक्षतु मामैन्द्री आग्नेय्यामग्निदेवता ॥ १७॥ दक्षिणेऽवतु वाराही नैरृत्यां खड्गधारिणी । प्रतीच्यां वारुणी रक्षेद्वायव्यां मृगवाहिनी ॥ १८॥ उदीच्यां पातु कौमारी ऐशान्यां शूलधारिणी । ऊर्ध्वं ब्रह्माणि मे रक्षेदधस्ताद्वैष्णवी तथा ॥ १९॥ एवं दश दिशो रक्षेच्चामुण्डा शववाहना । जया मे चाग्रतः पातु विजया पातु पृष्ठतः ॥ २०॥ अजिता वामपार्श्वे तु दक्षिणे चापराजिता । शिखामुद्योतिनी रक्षेदुमा मूर्ध्नि व्यवस्थिता ॥ २१॥ मालाधरी ललाटे च भ्रुवौ रक्षेद्यशस्विनी । त्रिनेत्रा च भ्रुवोर्मध्ये यमघण्टा च नासिके ॥ २२॥ शङ्खिनी चक्षुषोर्मध्ये श्रोत्रयोर्द्वारवासिनी । कपोलौ कालिका रक्षेत्कर्णमूले तु शाङ्करी ॥ २३॥ नासिकायां सुगन्धा च उत्तरोष्ठे च चर्चिका । अधरे चामृतकला जिह्वायां च सरस्वती ॥ २४॥ दन्तान् रक्षतु कौमरी कण्ठदेशे तु चण्डिका । घण्टिकां चित्रघण्टा च महामाया च तालुके ॥ २५॥ कामाक्षी चिबुकं रक्षेद्वाचं मे सर्वमङ्गला । ग्रीवायां भद्रकाली च पृष्ठवंशे धनुर्धरी ॥ २६॥ नीलग्रीवा बहिःकण्ठे नलिकां नलकूबरी । स्कन्धयोः खड्गिनी रक्षेद्बाहू मे वज्रधारिणी ॥ २७॥ हस्तयोर्दण्डिनी रक्षेदम्बिका चाङ्गुलीषु च । नखाञ्छूलेश्वरी रक्षेत्कुक्षौ रक्षेत्कुलेश्वरी ॥ २८॥ स्तनौ रक्षेन्महादेवी मनःशोकविनाशिनी । हृदये ललिता देवी उदरे शूलधारिणी ॥ २९॥ नाभौ च कामिनी रक्षेद्गुह्यं गुह्येश्वरी तथा । पूतना कामिका मेढ्रं गुदे महिषवाहिनी ॥ ३०॥ कट्यां भगवती रक्षेज्जानुनी विन्ध्यवासिनी । जङ्घे महाबला रक्षेत्सर्वकामप्रदायिनी ॥ ३१॥ गुल्फयोर्नारसिंही च पादपृष्ठे तु तैजसी । पादाङ्गुलीषु श्री रक्षेत्पादाधस्तलवासिनी ॥ ३२॥ नखान् दंष्ट्राकराली च केशांश्चैवोर्ध्वकेशिनी । रोमकूपेषु कौबेरी त्वचं वागीश्वरी तथा ॥ ३३॥ रक्तमज्जावसामांसान्यस्थिमेदांसि पार्वती । अन्त्राणि कालरात्रिश्च पित्तं च मुकुटेश्वरी ॥ ३४॥ पद्मावती पद्मकोशे कफे चूडामणिस्तथा । ज्वालामुखी नखज्वालामभेद्या सर्वसन्धिषु ॥ ३५॥ शुक्रं ब्रह्माणि मे रक्षेच्छायां छत्रेश्वरी तथा । अहंकारं मनो बुद्धिं रक्षेन्मे धर्मधारिणी ॥ ३६॥ प्राणापानौ तथा व्यानमुदानं च समानकम् । वज्रहस्ता च मे रक्षेत्प्राणं कल्याणशोभना ॥ ३७॥ रसे रूपे च गन्धे च शब्दे स्पर्शे च योगिनी । सत्त्वं रजस्तमश्चैव रक्षेन्नारायणी सदा ॥ ३८॥ आयू रक्षतु वाराही धर्मं रक्षतु वैष्णवी । यशः कीर्तिं च लक्ष्मीं च धनं विद्यां च चक्रिणी ॥ ३९॥ गोत्रमिन्द्राणि मे रक्षेत्पशून्मे रक्ष चण्डिके । पुत्रान् रक्षेन्महालक्ष्मीर्भार्यां रक्षतु भैरवी ॥ ४०॥ पन्थानं सुपथा रक्षेन्मार्गं क्षेमकरी तथा । राजद्वारे महालक्ष्मीर्विजया सर्वतः स्थिता ॥ ४१॥ रक्षाहीनं तु यत्स्थानं वर्जितं कवचेन तु । तत्सर्वं रक्ष मे देवि जयन्ती पापनाशिनी ॥ ४२॥ पदमेकं न गच्छेत्तु यदीच्छेच्छुभमात्मनः । कवचेनावृतो नित्यं यत्र यत्रैव गच्छति ॥ ४३॥ तत्र तत्रार्थलाभश्च विजयः सार्वकामिकः । यं यं चिन्तयते कामं तं तं प्राप्नोति निश्चितम् । परमैश्वर्यमतुलं प्राप्स्यते भूतले पुमान् ॥ ४४॥ निर्भयो जायते मर्त्यः संग्रामेष्वपराजितः । त्रैलोक्ये तु भवेत्पूज्यः कवचेनावृतः पुमान् ॥ ४५॥ इदं तु देव्याः कवचं देवानामपि दुर्लभम् । यः पठेत्प्रयतो नित्यं त्रिसन्ध्यं श्रद्धयान्वितः ॥ ४६॥ दैवी कला भवेत्तस्य त्रैलोक्येष्वपराजितः । जीवेद्वर्षशतं साग्रमपमृत्युविवर्जितः ॥ ४७॥ नश्यन्ति व्याधयः सर्वे लूताविस्फोटकादयः । स्थावरं जङ्गमं चैव कृत्रिमं चापि यद्विषम् ॥ ४८॥ अभिचाराणि सर्वाणि मन्त्रयन्त्राणि भूतले । भूचराः खेचराश्चैव जलजाश्चौपदेशिकाः ॥ ४९॥ सहजा कुलजा माला डाकिनी शाकिनी तथा । अन्तरिक्षचरा घोरा डाकिन्यश्च महाबलाः ॥ ५०॥ ग्रहभूतपिशाचाश्च यक्षगन्धर्वराक्षसाः । ब्रह्मराक्षसवेतालाः कुष्माण्डा भैरवादयः ॥ ५१॥ नश्यन्ति दर्शनात्तस्य कवचे हृदि संस्थिते । मानोन्नतिर्भवेद्राज्ञस्तेजोवृद्धिकरं परम् ॥ ५२॥ यशसा वर्धते सोऽपि कीर्तिमण्डितभूतले । जपेत्सप्तशतीं चण्डीं कृत्वा तु कवचं पुरा ॥ ५३॥ यावद्भूमण्डलं धत्ते सशैलवनकाननम् । तावत्तिष्ठति मेदिन्यां सन्ततिः पुत्रपौत्रिकी ॥ ५४॥ देहान्ते परमं स्थानं यत्सुरैरपि दुर्लभम् । प्राप्नोति पुरुषो नित्यं महामाया प्रसादतः ॥ ५५॥ लभते परमं रूपं शिवेन सह मोदते ॥ ॐ ॥ ५६॥. Durga Chalisa pdf If you want to download Durga Chalisa pdf then it is given below.

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Durga Ma Devi Kavacha Hindi

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मालाधारी ललाट की, और भ्रुकुटी कि यशर्वथिनी! Pret badha se mukti possible hai puri tarah. Lord Brahma solicits each one to recite Durga Kavach and seek blessings of the Devi. तो हरदम कवच यही गाता चला जा!! We also thought to impart our knowledge and experiences with the persons who visit our sight and hence we started this in the year of 2004 by the brand name AstroMantra. Naasikaayaam Sugandhaa Durga kavach sanskrit Uttaroshthe cha Charchika. Lakshmi Padmaasana Devi Padmahastaa Haripriya. आप मेरे गोत्र की रक्षा करें। चण्डिके! तेरे दर पर आ गिरा, करो मैया कल्याण!! First chant Shaapodhar mantra 7 times then chant mantra numbered 1 one time.

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Swayam me anekon kamiyan hone ke durga kavach sanskrit mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun. कहो जय जय जय महारानी की! जो चाहे तो मुह माँगा वरदान पाए!! Bhaiya, you have helped me in one of the most testing times of my life and will never forget you for all your support. मैं नवदुर्गा के नाम बतलाता हूँ!! संसार में माता मेरी, रक्षा करो रक्षा करो!! Satwam Rajastamashchaiv Rakshe Narayani Sadaa. Additionally, Durga is usually shown carrying a variety of weapons and accompanied by her vehicle, a tiger or a lion, representing her aggression and ferocity. जो तुम्हारा चिन्तन करते हैं, उनकी तुम नि:सन्देह रक्षा करती हो। प्रेतसंस्था तु चामुण्डा वाराही महिषासना। ऐन्द्री गजसमारूढा वैष्णवी गरुडासना॥९॥ चामुण्डादेवी प्रेत पर आरूढ़ होती हैं। वाराही भैंसे पर सवारी करती हैं। ऐन्द्री का वाहन ऐरावत हाथी है। वैष्णवी देवी गरुड़ पर ही आसन जमाती हैं। माहेश्वरी वृषारूढा कौमारी शिखिवाहना। लक्ष्मी: पद्मासना देवी पद्महस्ता हरिप्रिया॥१०॥ माहेश्वरी वृषभ पर आरूढ़ होती हैं। कौमारी का मयूर है। भगवान् विष्णु की प्रियतमा लक्ष्मीदेवी कमल के आसन पर विराजमान हैं,और हाथों में कमल धारण किये हुए हैं। श्वेतरूपधारा देवी ईश्वरी वृषवाहना। ब्राह्मी हंससमारूढा सर्वाभरणभूषिता॥११॥ वृषभ पर आरूढ़ ईश्वरी देवी ने श्वेत रूप धारण कर रखा है। ब्राह्मी देवी हंस पर बैठी हुई हैं और सब प्रकार के आभूषणों से विभूिषत हैं। इत्येता मातरः सर्वाः सर्वयोगसमन्विताः। नानाभरणशोभाढया नानारत्नोपशोभिता:॥१२॥ इस प्रकार ये सभी माताएँ सब प्रकार की योग शक्तियों से सम्पन्न हैं। इनके सिवा और भी बहुत-सी देवियाँ हैं, जो अनेक प्रकार के आभूषणों की शोभा से युक्त तथा नाना प्रकार के रत्नों से सुशोभित हैं। दृश्यन्ते रथमारूढा देव्याः क्रोधसमाकुला:।शङ्खं चक्रं गदां शक्तिं हलं च मुसलायुधम्॥१३॥ खेटकं तोमरं चैव परशुं पाशमेव च। कुन्तायुधं त्रिशूलं च शार्ङ्गमायुधमुत्तमम्॥१४॥ दैत्यानां देहनाशाय भक्तानामभयाय च। धारयन्त्यायुद्धानीथं देवानां च हिताय वै॥१५॥ ये सम्पूर्ण देवियाँ क्रोध में भरी हुई हैं और भक्तों की रक्षा के लिए रथ पर बैठी दिखाई देती हैं। ये शङ्ख, चक्र, गदा, शक्ति, हल और मूसल, खेटक और तोमर, परशु तथा पाश, कुन्त औ त्रिशूल एवं उत्तम शार्ङ्गधनुष आदि अस्त्र-शस्त्र अपने हाथ में धारण करती हैं। दैत्यों के शरीर का नाश करना,भक्तों को अभयदान देना और देवताओं का कल्याण करना यही उनके शस्त्र-धारण का उद्देश्य है। नमस्तेऽस्तु महारौद्रे महाघोरपराक्रमे। महाबले महोत्साहे महाभयविनाशिनि॥१६॥ महान् रौद्ररूप, अत्यन्त घोर पराक्रम, महान् बल और महान् उत्साह वाली देवी तुम महान् भय का नाश करने वाली हो,तुम्हें नमस्कार है त्राहि मां देवि दुष्प्रेक्ष्ये शत्रूणां भयवर्धिनि। प्राच्यां रक्षतु मामैन्द्रि आग्नेय्यामग्निदेवता॥१७॥ दक्षिणेऽवतु वाराही नैऋत्यां खङ्गधारिणी। प्रतीच्यां वारुणी रक्षेद् वायव्यां मृगवाहिनी॥१८॥ तुम्हारी और देखना भी कठिन है। शत्रुओं का भय बढ़ाने वाली जगदम्बिक मेरी रक्षा करो। पूर्व दिशा में ऐन्द्री इन्द्रशक्ति मेरी रक्षा करे। अग्निकोण में अग्निशक्ति,दक्षिण दिशा में वाराही तथा नैर्ऋत्यकोण में खड्गधारिणी मेरी रक्षा करे। पश्चिम दिशा में वारुणी और वायव्यकोण में मृग पर सवारी करने वाली देवी मेरी रक्षा करे। उदीच्यां पातु कौमारी ऐशान्यां शूलधारिणी। ऊर्ध्वं ब्रह्माणी में रक्षेदधस्ताद् वैष्णवी तथा॥१९॥ उत्तर दिशा में कौमारी और ईशानकोण में शूलधारिणी देवी रक्षा करे। ब्रह्माणि! Udichaam Paatu Kaumaari Aishaanyaam Shooldhaarini.

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